डाक भार की
अदायगी
9. डाकभार की -
अदायगी की वांछनीयता
- डाकघर यह प्रयास
करता है कि
वह सभी डाक
वस्तुओं को जिनका
पूरा डाकभार का
भुगतान पहले ही
कर दिया गया
है, यथाशीघ्र डाक
से भेजे और
उनका जितना जल्दी
हो सके वितरण
करे। ऐसी वस्तुओं
की जिनका डाकभार
पहले ही अदा
नहीं किया गया
है या पूरा
अदा नहीं किया
गया है, दूसरी
गैर रजिस्ट्री डाक
की अपेक्षा भेजने
में अधिक सुरक्षा
नहीं बरती जाती।
बल्कि ऐसी वस्तुए,
उस डाकभार को
लेने के खातिर
जो उन पर
देय होता है,
रोक ली जा
सकती हैं। उन्हें
गैर रजिस्ट्री डाक
के साथ भी
जो विशिष्ट रूप
से वितरण के
लिये होती हैं,
जारी नहीं किया
जाता बल्कि सभी
तरह की डाक
के साथ सामान्य
वितरण के लिये
रोक लिया जाता
है।
10. डाक-टिकट और
लेखन सामग्री -(i) भारतीय डाकघर, भारत सरकार
के प्राधिकार के
अन्तर्गत सामान्यता डाकभार का
भुगतान डाक-टिकट
जारी करके प्राप्त
करते है। डाकघर,
लेखन सामग्री के
कुछ मदें भी,
जैसे लिफाफे, अन्तर्देशीय
पत्र-कार्ड, पोस्टकार्ड
जारी करता है
जिन पर अपेक्षित
मूल्य के टिकट
उत्तीर्थ किए गए
होते है। यदि
ऐसी डाक लेखन
सामग्री पर उस
पर मुद्रिन टिकट
के मूल्य से
अधिक डाकभार लिया
जाना हो तो
अपेक्षित मूल्य के अतिरिक्त
डाक-टिकट लगाकर
इस फर्क को
पूरा किया जा
सकता है।
(ii) भारतीय डाकघर द्वारा
जारी की जाने
वाली डाक लेखन
सामग्री की किस्मे
और डाक-टिकटों
के मूल्य वर्ग
इस भाग के
परिशिष्ट में दिये
गए हैं।
नोट- केन्द्रीय सरकार द्वारा
जारी किए जाने
वाले राजस्व मुद्रांक
भी डाकघर द्वारा
बेचे जाते हैं।
इन टिकटों का
प्रयोग डाकभार के भुगतान
के लिये नही
किया जा सकता।
(iii) डाक प्रभार
का भुगतान फ्रेक
मशीन द्वारा छपे
हुए उपयुक्त मुद्रांक
या मुद्रांकों के
जरिए अथवा कुछ
मामलों में नकदी
देकर किया जा
सकता है ;जैसा
कि क्रमशः खंड
11 और खंड 12द्ध
में बताया गया
है
फिलटसी ब्ूयूरो - टिकट
संकलनकर्ताओं और टिकट
संक्रग्राहकों की आवश्यकताओं
को पूरा करने
के लिए विभाग
ने, इलाहाबाद, अहमदाबाद,
बेंगलूर, भोपाल, बम्बई, कलकत्ता,
चंडीगढ़, श्रीनगर, कटक, हैदराबाद,
जयपुर, कानपुर, क्रुरनूल, लखनऊ,
मद्रास, नागपुर, नई दिल्ली,
पटना, शिलांग, शिमला
और त्रिवेन्द्रम और
1 सी.बी.पी.ओ. मार्फत
56, ए.पी.ओ.
और 2 सी.बी.पी.ओ.
मार्फत 98 ए.पी.ओ. के
मुख्य डाकघरों में
फिलैटली ब्यूरो खोले है।
विदेशों के आर्डर
भारतीय फिलैटली ब्यूरो बम्बई
जी0पी0ओ0,
बम्बई में निष्पादित
किए जाते है।
12. डाकभार
का अग्रिम नकद
भुगतान - (a) सर्किल
अध्यक्ष कुछ
मुख्य डाकघरों को
फर्म या अन्य
व्यक्तियों से, जो
किसी बहुत बड़ी
संख्या में गैर-रजिस्ट्री पैकेटों को,
बड़े नगरों में
न्यूनतम 500 पैकेटों और छोटे
नगरों में 250 पैकटों
या सीमा तक,
डाक से भेजते
हैं, नकद डाक
प्रभार वसूल करने
के लिए अधिकृत
किया है सर्किल
अध्यक्षों ने बम्बई,
कलकत्ता, मद्रास, नागपुर और
दिल्ली के कुछ
डाकघरों को पत्र-डाक की
साधारण रजिस्ट्री वस्तुओं पर
नकद डाक भार
और रजिस्ट्री शुल्क
वसूल करने के
लिए अधिकृत किया
है बशर्ते कि
प्रेषक रजिस्ट्री वस्तुओं और
उसी किस्म को
कुल वस्तुओं को
बुक करने के
लिए विषेश रजिस्ट्री
पत्रिकाओं का प्रयोग
करे और किसी
भी समय रजिस्ट्री
को जाने वाली
50 वस्तुओं से कम
का वजन न
लिया जाए। इस
सुविधा के ब्योरे
सबसे नजदीक के
प्रधान डाकघर से मालूम
किए जा सकते
है। नकद रूप
में डाक शुल्क
की पूर्व अदायगी
की सुविधा चुने
हुए राजपत्रित और
उच्च चुनाव ग्रेड
डाकघरों में उन
फर्मो या व्यापारिक
स्थापनाओं के लिए
भी उपलब्ध है
जो एक ही
समय 500 डाक वस्तुएं-पत्र (बंद लिफाफेद्),
अन्तर्देशीय पत्र कार्ड,
पोस्टकार्ड और गैर-पंजीकृत पार्सल भेजते
हैं।’’
2. इसी प्रकार की कार्यविधि
रजिस्ट्री समाचार-पत्रों के
बारे में भी
बहुत दी गई
है जिसके ब्योरे
धारा 143 में मिलेंगे।
3. डाक प्रभार का अग्रिम
नकद भुगतान की
सुविधा किसी दूसरे
किस्म की डाक
वस्तुओं के लिए
उपलब्ध नहीं है।
13. खराब या विरूपित
टिकट -(a) ऐसे
डाक टिकट ;चाहे
चिपकने वाले, ठप्पेदार या
मशीन से लगाए
गए होंद्ध जो
मिटे हुए, विरूपित
फटे हुए, कटे
या किसी दूसरे
तरह से अपूर्ण
रह गए हों
या जिनके ऊपर
केन्द्रीय सरकार के प्राधिकार
से पृथक किसी
अन्य के द्वारा
कोई कार्य, पत्र,
आकृति या लिखित
डिजाइन छपा हुआ
या, अंकित किया
गया हो या
जो काट दिए
गए हों या
अन्यथा ठप्पेदार लिफाफों, पोस्टकार्डो
या रैपर से
अलग कर दिए
गए हों, डाकभार
के भुगतान में
मान्य नहीं हो
सकते। डाकघर द्वारा
दिए हुए विशेष
रजिस्ट्रों के लिफाफों
का गैर-रजिस्ट्री
डाक वस्तुओं के
भेजने के लिए
प्रयोग नहीं किया
जा सकता।
नोट- प्राक्षरों सहित डाक-टिकटों का छिद्रण
या बारीक सुराखों
में पाए गए
पहचाने जाने वाले
अन्य निशान निषि(
नहीं हैं बशर्ते
कि उनमें मूल
देश के बारे
में और टिकटों
के मूल्य के
संकेत अस्पष्ट न
हों।
(2) केन्द्रीय सरकार को
हानि पहुंचाने के
मन्तव्य से डाकभार
या डाक शुल्क
के भुगतान के
लिए ऐसे टिकट,
का जो उस
अथवा किसी दूसरे
काम के लिए
पहले, हो इस्तेमाल
में लाया जा
चुका है। भारतीय
दंड संहिता के
अंतर्गत अपराध है।
14. फर्जी टिकट - किसी भी
काम के लिए
फर्जी टिकटों का
निर्माण और प्रयोग
वर्जित है और
यह भारतीय डंड
संहिता के खंड
263-क के अंतर्गत
दंडनीय अपराध है। फिर
भी किसी टिकट
संकलन-प्रकाशन में
या किसी ऐसे
लेख या खंड
में जो पूर्णतया
डाक-टिकटों के
ही बारे में
हो और जिसके
सामान्य-प्रकाशनों में प्रकाशित
होने की संभावना
हो उनमें डाक-टिकटों के चित्र
या रेखांकन प्रस्तुत
करने की स्वीकृति
दी गई है।
फिर भी ऐसे
चित्र या रेखांकन
काली स्याही में
ही होने चाहिए।
डाक पोस्ट करने के
सामान्य नियम
15. पैकिंग
- (1) प्रत्येक पत्र, पैकेट
या पार्सल पर
कम से कम
दो डाकघरों की
तारीख-मोहर लगानी
पड़ती है। आवागमन
के दौरान डाक
के थैलों में
उन्हे काफी दबाव
और रगड़ खानी
पड़ती है। इसलिए
उन सभी वस्तुओं
को जिन पर
मोहर लगती हो
और दबाव पड़ना
संभावित हो, मजबूत
आवरण में पैक
करना चाहिए। आसानी
से टूट जाने
वाली कमजोर वस्तुओं
की सुरक्षा के
लिए विशेष सावधानी
डाकघर नही बरत
सकता। जब पार्सल
पैकेट या पत्र
की हिफाजत के
लिए मोमी कपड़े
का प्रयोग किया
जाए तो उसका
प्रयोग भीतरी आवरण के
रूप में करना
चाहिए या मोमी
कपड़े के ऊपर
उस पर कम
से कम काफी
मजबूत कागज अच्छी
तरह से बांध
देना चाहिए जिससे
उसके ऊपर डाकघर
की तारीख-मोहरों
की छोप या
डाक-टिकट जो
भी लगानी होती
है लगाई जा
सकें।
(2) विशेष वर्ग की
वस्तुओं को पैक
करने के बारे
में विशेष नियम,
उन वस्तुओं से
संबंधित खंड में
दिए हुए हैं।
ये नियम पूर्ण
होते है जिनके
बारे उल्लंघर पर
हर मामलों में
दंड निर्धारित किया
गया है। फिर
भी हरेक पत्र,
पैकेट या पार्सल
को ऐसे, ढंग
से बन्द करना
चाहिए कि उसमें
ऐसे नुकीले और
काट करने वाले
किनारे न बनने
पाए जिससे कर्मचारियों
को चोट लग
सकती हो, पत्रों
को क्षति पहुंचे
या डाक संचालन
में रूकावट उत्पन्न
हो सकती है।
16. सील मोहर लगाना
- जनता को सलाह
दी जाती है
कि वह गैर-रजिस्ट्रीकृत पत्रों और पैकेटों
के बाहर की
ओर सील मोहरों
के लिए लाख
का प्रयोग न
करे जब तक
कि ऐसी मोहरों
उन वस्तुओं की
हिफाजत के लिए
जरूरी न समझी
जाएं जिन पर
कि वे लगाई
जाती हैं। गैर-रजिस्ट्री पत्रों और
पैकेटों के बाहर
की ओर मोहरों
के लिए लाख
का प्रयोग करते
समय, एक पतले
पारदर्शी मुलायम कागज या
दूसरे पतले कागज
का टुकड़ा मोहर
लगाने से पहले
मोम के ऊपर
डाल देना चाहिए
अन्यथा खूद दोनों
वस्तुओं तथा वे
वस्तुएं जिनके सम्पर्क में
वे ट्रांजिट के
समय आयगी दूसरी
वे वस्तुओं से
लाख द्वारा चिपक
कर नष्ट हो
सकती है। विशेष
रूप से ऐसी
सहायतार्थ जिसकी यहां सिफारिश
की गई है
उनका विदेशों के
लिए भेजी जाने
वाली डाक के
बारे में जरूर
ही पालन किया
जाना चाहिए जिन्हें
कई दिनों तक
बहुत गर्म जलवायु
मार्गो से होकर
गुजरना पड़ता है।
17. सिक्कों आदि को
डाक से भेजना
- सिक्के, बुलियन, कीमती रत्न
जवाहरात, सोने चांदी
की वस्तुएं और
करेंसी या बैंक
नोट केवल बीमा
कराकर अन्तर्देशीय डाक
से भेजे जा
सकते है। गैर-रजिस्ट्री पत्रों या
गैर-रजिस्ट्री पार्सलों
में कीमती वस्तुओं
को भेजने से
प्रेषक केवल अपनी
सम्पत्ति को खोने
का ही खतरा
मोल नहीं लेता
बल्कि उस हरेक
व्यक्ति को जिसके
हाथ से होकर
वे वस्तुएं गुजरती
है उन्हें ले
लेने का प्रलोभन
भी देता है।
स्पष्टीकरण
- इस निमय में
‘‘सोने या चांदी
की वस्तुओ’’ से
आशय है सोने
या चांदी की
पूरी या आंशिक
रूप से बनी
वस्तुएं, परन्तु सिक्के और
इलैक्ट्रो या दूसरी
तरफ (प्लेटेंडद्) सामान
इसके अन्तर्गत नहीं
आते। ‘‘सिक्के’’ शब्द से
करेंसी विभागों और टकसाल
की ओर से,
भेजे गए कटे
हुए जाली सिक्के
नहीं समझे जायेगें।
‘‘करेंसी नोट’’ शब्दावली में
करेंसी विभाग की ओर
से भेजे गए
विरूपति नोट ;अर्थात
वे नोट जिनके
रद्द करने के
बाद उन पर
के हस्ताक्षर काट
दिए गए हैंद्ध
नहीं आऐंगे। ‘‘जवाहरात’’
शब्द का अर्थ
वे घड़ियों जिनके
खोल पूरी तरह
से या मुख्य
रूप से सोने
चांदी या प्लेटिनम
के बने होते
हैं।
18. लेटर बक्स - डाकघर/डाक
कार्यालय के लेटर
बक्स में जो
सार्वजनिक स्थानों में लगे
हुए हों, चल
कर डाकघरों तथा
रेलों में जोड़ी
गई डाकघर की
डाक गाड़ियों में
या डाक ले
जाने वाले स्टीमरों
के लेटर बक्सों
में पत्र, पोस्टकार्ड,
अन्तर्देशीय पत्रकार्ड तथा पैकेट
डाले जा सकते
हैं बशर्ते कि
इनके लिए निर्धारित
देय डाक भार
तथा देय शुल्क
की पूरी तरह
से पूर्व अदायगी
हो गई हो
इन लेटर बक्सों
में मशीन द्वारा
फ्रैक की गई
वस्तुएं नहीं डाली
जानी चाहिए।
19. विशेष लेटर बक्सों
में डाक डालना
-उन लेटर बक्सों
को जिन पर
‘‘केवल पत्रों के लिए’’
लिखा हुआ हो
केवल पत्रों और
पोस्टकार्डो को डालने
के लिए ही
प्रयोग में लाना
चाहिए। उसी प्रकार
विशेष लेटर बक्सों
को या नगरों
में हवाई डाक
वस्तुएं और तुरन्त
डाक सेवा ;क्यू
एम एसद्ध वस्तुएं
डालने के लिए
लगाए गए हों
उनमें केवल हवाई
डाक की वस्तुएं
ही डालनी चाहिए।
यदि ऐसे विशेष
लेटर बक्सों में
दूसरी डाक डाली
गई तो वे
रोकी जा सकती
है। तुरंत डाक
सेवा ;क्यू एम
एसद्ध वस्तुओं पर
गंतव्य शहर के
नाम के नीचे
पूरा पिन कोड
नंबर होना चाहिए।
20. डाकगाड़ी या डाकघर
की खिड़की की
पट्ठ बड़े आकारी
के सरकारी तथा
अन्य पत्रों का
ज्यादा संख्या में प्रस्तुत
किया जाना बड़े
आकार के सरकारी
तथा अन्य पत्र
जो आकार के
कारण लेटर बक्स
में नहीं डाले
जा सकते, वे
डाकगाड़ी या डाकघर
की खिड़की पर
हार्थो हाथ प्राप्त
किए जाए। डाक
गाड़ी या कार्यालय
की खिड़की पर
ज्यादा संख्या में डाक
में डाले गए
पत्र या पैकिट
लेने में कोई
आपत्ति नहीं है
बशर्ते कि डाकभार
और विलम्ब शुल्क
यदि कोई हो,
को पूरे रूप
में पूर्व अदायगी
कर दी गई
हो।
21. ऐसी डाक वस्तुएं
जिनका विशष ख्याल
रखना होता है
- ;1द्ध ऐसे पत्र
या दूसरी डाक
वस्तुएं जो रजिस्ट्री
या बीमा कराने
के लिए हों,
ऐसी वस्तुएं जो
मूल्यदेय के रूप
में भेजी जाने
के लिए हों
या जिनका डाक
प्रमाण-पत्र लेना
हो, डाकघर पर
किसी विशिष्ट डाक
के बन्द होने
के नियम समय
से कम से
कम आधा घंटा
पहले इन डाक
वस्तुओं को प्रस्तुत
करना चाहिए, यदि
उन्हें उसी डाक
से भेजा जाना
हो तो ऐसी
वस्तुओं के आवरण
के जिस ओर
पता लिखा जाता
है उसके सबसे
उपर स्पष्ट रूप
में ‘‘रजिस्ट्री’’ ‘‘ ............... रू0 के
लिये बीमा’’ ‘‘................ रू0 के
लिये मूल्य-देय
;वी.पी.द्ध
आदि लिखा होना
चाहिए।
;2द्ध इनसे
पहले कि वस्तुएं
आगे पारेषित करने
के लिए भेजी
जाती है ज्यादा
मूल्य की चिपकाई
गई डाक-टिकटों
वाली हवाई डाक
वस्तुएं डाक घरों
या डाक कार्यालयों
के काऊंटरों के
पर उन वस्तुओं
की पेश करने
वाले व्यक्ति की
उपस्थिति में टिकटों
के विरूपति किये
जाने के लिए
पेश की जा
सकती है।
22. डाक का
जल्द से जल्द
पोस्ट करने की
वंाछनीयता - यदि डाक
वस्तुए ठीक उस
समय डाली जाती
है जबकि डाक
भेजी जा रही
हो तो डाकघरों
और रेल डाक
सेवा कार्यालयों में
ज्यादा डाक समान
एकत्रित हो जाता
है और डाक
के रोक देने
और उसमें देरी
हो जाने की
सम्भावना रहती है।
अतः जनता को
यह सलाह दी
जाती है कि
जैसे ही डाक
डाले जाने के
लिये तैयार हो
वह डाकघर से
डाक निकासी का
इन्तजार किये बिना
ही अपनी डाक
को डाले तथा
उसे दिन में
यथासम्भव शीघ्र डालने का
प्रयास करें।
23. डाक-टिकट
कैसे चिपकाएं जाएं
- किस पत्र या
पैकेट पर चिपकाय
गए टिकट पूर्ण
रूपेण उस वस्तु
पर ही चिपके
होने चाहिए न
कि भीतर रखी
गई डाक सामग्री
के किसी भाग
अथवा अलग लेबल
या दूसरी किसी
चीज के जो
उस वस्तु से
बंधी हुई हो
या संलग्न हो।
ये टिकट जिस
तरफ पता लिखा
जाता है उस
तरह दाए हाथ
की ओर ऊपरी
कोने पर लगाने
चाहिए।
24. गैर-डाक
टिकट, चेरिटी टिकट,
लेबल, मोहर आदि
- लेबर टिकट, मोहर या
दूसरे चिन्ह जो
डाक-टिकट पे
नहीं होते किन्तु
गलती से डाक
टिकट समझ लिए
जाए सकते है
उन्हें डाक वस्तु
के पते की
ओर नहीं लगाया
जाए या छापा
जाना चाहिए। यह
रोक उन मालों
में समान रूप
से लागू होती
है जिनमें यदि
किसी लेबल, टिकट
या चिन्ह डाक
वस्तु के
पते की ओर
इस तरह से
लगाये या छापे
जाते है कि
पता लिखना कठिन
हो जाता है
या इससे किसी
भी रूप में
डाक कर्मचारियों के
काम में रूकावट
आ जाती है
तो उस दशा
में भी यह
पाबंदी समान रूप
से लागू होती
है। वे छापे
भी जो गलती
से डाक फ्रैकिग
मशीन के छापे
जैसे समझ लिए
जा सकते है
उन्हें भी नहीं
लगाया जाना चाहिए।
25. डाक-टिकटों
का न्यूनतम संख्या
में प्रयोग - जनता
को सलाह दी
जाती है कि
वह डाक प्रभार
के अग्रिम भुगतान
के लिए अधिक
से अधिक मूल्य
के अपेक्षित टिकट
लगाये और इस
तरह टिकट कम
से कम संख्या
में प्रयोग करें।
कम मूल्य के
काफी संख्या में
टिकटों के इस्तेमाल
से डाक वस्तु
पर अनावश्यक रूप
से स्थान घिर
जाता है जिससे
पता लिखने और
दूसरे चिन्हों के
लिए कम जगह
रह जाती है।
इससे डाकघर कर्मचारियों
का काम भी
रह जाता है
और इससे टिकटों
के कीमती कागज
और छपाई शुल्क
का नुकसान होता
है।
Very good contain
ReplyDeletePlease send me...post office guide part 1 in Hindi....I will pay in advance...please send me...in email....
ReplyDeleteI m postman in Gujarat...so...please...send me ur..Hindi version book