Sunday, September 22, 2019

POST-OFFICE GUIDE para 25-60

                  पता कैसे लिखे ?
      26. पते में क्या ब्यौरा दिया जाए – (1) यदि पता ठीक ढंग से लिखा जाये तो इससे डाक वस्तु के शीघ्र वितरण में बहुत सुविधा होती है। पत्र व्यवहार में देरी और वितरण में त्रुटियां अक्सर गलत और अपूर्ण डाक पते के कारण होती है। इसलिए पता पूर्ण और काफी निश्चित होना चाहिए जिससे बिना किसी लम्बी चैड़ी पूछताछ के पाने वाले के स्थान पर उस डाक वस्तु का सुगमता से प्रेषण और वितरण सुनिश्चित किया जा सके। अपने पत्रों पर पता लिखते समय जनता नीचे लिखी बातों को ध्यान में रखते हुए डाकघर की मदद कर सकती है:-
      (a) लिफाफे की लम्बाई के समानान्तर और निचले आधे भाग में तथा वस्तु के सामने की ओर से सीधे हाथ की तरफ डाक-टिकट, लेबल, डाक निशान और चिन्हों के लिए ऊपर कम से कम 3 सेंटीमीटर का स्पष्ट हाशिया छोड़कर लिफाफे पर पता लिखना चाहएि।
      (b) डाकघरों की सूची में (इसके लिए देखिए गाइड का भाग III दिये गए हिस्से के अनुसार डाकघर का नाम बड़े ओर सुस्पष्ट अक्षरों में लिखना चाहिए। इसे रेखांकित भी कर देना चाहिए। डाकघर का पिन कोड इसके नीचे लिखना चाहिए और उसके नीचे एक रेखा खीच देनी चाहिए।
      (c) पते में आमतौर पर निम्नलिखित ब्यौरे उसी कम में दिए जाने चाहिए जैसा कि नीचे दिखाया गया है:-

शहरी क्षेत्रों में वितरण की जाने वाली डाक                ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण की जाने वाली डाक
            के बारे में                                   के बारे में
                1                                   2
(i) पाने वाले का नाम।             (i) पाने वाले का नाम।
(ii) व्यवसाय, यदि कोई हो।               (ii) पिता का या पति का नाम।
(iii) मकान का नम्बर और/या तथा गली या सड़क का नाम। (iii) व्यवसाय, यदि कोई हो।
(iv) इलाके या मौहल्ले का नाम।                 (iv) मकान नम्बर, यदि कोई हो गली का नाम सहित,
                                                 यदि कोई हो।
(v) पोस्ट बाक्स संख्या यदि कोई हो।             (v) गांव और थाना फिरका, होबली आदि का नाम।
(vi) डाकघर का नाम और पिन कोड।             (vi) वितरण करने वाले डाकघर का नाम और पिनकोड
(vii) जिला और राज्य का नाम।           (vii) तालुक या तहसील का नाम।
                                          (viii) जिला या राज्य का नाम।
                                           उस स्थिति में लिखना आवश्यक नही है जबकि
                                                  सही पिन कोड लिखा गया हो।
(d) ऐसे मामलों में जहां एक ही नाम के एक से अधिक डाकघर हों और यदि पिन कोड न लिखा हो तो विशेष तौर पर जिले का नाम लिखना अत्यन्त आवश्यक है। यदि जिले का नाम वही है जो डाकघर का तो ऐसी स्थिति में राज्य का नाम देना चाहिए। मार्ग का संकेत जैसे ‘‘बरास्ता’’ नहीं देना चाहिए।
(e) विदेशों को भेजे जाने वाले वस्तुओं के बारे में, पते रोमन अक्षरों में और अरबी अंकों में लिखे जाने चाहिए।
(f) प्रेषक का पता जहां तक हो सके जिस तरफ पता लिखा जाता है उस ओर बायें हाथ के निचले कोने में लिखना वांछनीय है। यदि ऐसा न किया जा सके तो डाक वस्तु के पीछे की तरफ लिख दिया जाए। उस पर ‘‘प्रेषक’’ संकेत भी होना चाहिए ताकि पाने वाले के ब्यौरे समझ लिये जाने की गलती से बचा जा सके।
(g) ऐसी डाक वस्तुओं के बारे में जिन पर डाक भार की रियासत दरें लगत हों या बिना डाकभार से भेजी जानी हों, डाक वस्तुओं का वर्ग, उदाहरण के तौर पर ‘‘बुक पोस्ट’’ ‘‘अंध साहित्य’’ पते के ऊपर की ओर या वस्तु के ऊपर भाग पर साफतौर पर से लिख देना चाहिए। भारी पत्र पैकेटों के पते के ऊपर की और ‘‘पत्र’’ संकेत दे देना चाहिए जिससे वे अपने आकार या बनावट के कारण गलती से किसी दूसरे वर्ग के पैकेट न समझ लिए जाएं।
(h) राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और भारत सरकार के दूसरे मंत्रियों तथा उच्च सरकारी अधिकारियों को यह सुविधा मिली हुई है कि भारत में अपने दौरे के समय वे जहां भी हों वहां उनकी डाक उन्हें दी जाए। इस विशेषाधिकार के हकदार ऐसे उच्च अधिकारियों की सूची धारा 206 में मिलेगी। ऐसे अधिकारियों की कैम्प में बांटी जाने वाली डाक वस्तुएं किस डाकघर के पते से नहीं भेजी जानी चाहिए बल्कि उन्हें केवल उनके कैम्प को भेजनी चाहिए जैसा कि धारा 206 में दिया गया है।
(2) सही और पूरे पतों के कुछ उदाहरण नीचे दिए जा रहे है:-
(1)    क,ख,ग                   (2)    लक्ष्मी
            इंजीनियर                 धर्मपत्नी चिक्कारामडु धोबी
            2, मंदिर मार्ग,                   बक्कापटनम ग्राम
            गोल मार्केट                     बक्कापटनम 515144
            नई दिल्ली-110001               पेनुकोंडा तालुक
                                          अनन्तपुर जिला
      (3)    गोविन्दस्वामी              (4)    भारत के प्रधान मंत्री के निजी सचिव,
            पुत्र श्री कुमार स्वामी              सचिव, प्रधान मंत्री का कैम्प।
            हैड गेंगमैन
            क्वार्टर नं0 टी./23
            कुरूमलै रेलवे स्टेशन
            दक्षिण रेलवे, इदाई
            वेवल डाकघर, न
            नल्लातिनपुतुर-672716
            (तिरूनेलवेद्दी जिलाद्)
            तमिलनाडु
27. थल सेना और हवाई सेना में काम करने वाले रक्षा सेवा के कर्मचारियों की डाक-थल सेना और हवाई सेना में काम करने वाले रक्षा सेवा के कर्मचारियों की डाक जो सैनिक डाकघर की मार्फत बंटती है उनके पतों में हमेशा निम्नलिखित ब्यौरे देने चाहिए।
नम्बर
ओहदा
नाम
यूनिट
ऐसी डाक पर 56 सैनिक डाकघर, 99 सैनिक डाकघर आदि के रूप में पता लिखकर बिना किसी डाकघर के स्थान का नाम दिए भेजनी चाहिए।
28. भारतीय नौसेना के जहाजों के काम करने वाले नौसेना के कर्मचारियों की डाक-भारतीय नौसेना सेवा के जहाजों में यात्रा कर रहे कर्मचारियों की डाक का फ्लीट कार्यालय बम्बई के मार्फत, पता लिखकर भेजना चाहिए। इसमें पाने वाले का नम्बर, ओहदा तथा दूसरे ब्यौरे और जहाज का नाम देना चाहिए।
29. अनिश्चित पते वाली वस्तुएं – (1) डाकघर ऐसी किसी भी वस्तु का तब तक वितरण नहीं करेगा जब तक कि उस पर निश्चित पता न लिखा हुआ हो। आम प(ति से वस्तुओं पर दिए पत्ते अर्थात् विशिष्ट व्यक्ति या फर्म के विरोध में व्यक्तियों के वर्ग को सम्बोधित किये हुए पते, वस्तुएं जिन पर प्राक्षर या संख्याए या स्पष्ट रूप से फर्जी समझे जाने वाले नाम या बिना कुल नाम के ईसाई व्यक्ति के नाम वाले पते, अनिश्चित पते माने जाते हैं तब तक कि वे किसी निश्चित व्यक्ति या फर्म की श्रेणी के न हो या जब तक पते में वितरण के लिए कोई निश्चित स्थान जैसे गली या विशिष्ट मकान या विशिष्ट डाक बक्स या कोई विशिष्ट संख्या का उल्लेख न किया गया हो। सामान्य रूप से पता दो हुई या प्राक्षर संख्याएं, बिना कुल का नाम दिए ईसाइयों के नाम, फर्जी नाम या किसी किस्म के रूढ़िगत अंक दिये गए पते वाली वस्तुओं का वितरण नहीं किया जाएगा, यदि वे केवल डाकघर या ‘‘न्यस्त डाक’’ या पोस्टमास्टर के संवर्ग के पते पर भेजी गई हो।
(2) निश्चित और अनिश्चित पतों के निम्नलिखित उदाहरण दिए जाते है:-
निश्चित पते और इसलिए वितरित          अनिश्चित पते और इसलिए वितरित न किये
             करने योग्य                                    जाने योग्य
(a) भारत सरकार के मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश          (a) मुख्य सचिव, शिमला
         इल्लेरेल शिमला-171002
(b) निवासी, 10 पार्क स्ट्रीट                     (b) बिना कमीशन प्राप्त अधिकारी, मेरठ
         कलकत्ता-700016
(c) अध्यक्ष, आफीसर मैस, मथुरा। ;यह निश्चित पता (c) अध्यक्ष आफीसर मैस, दिल्ली। (यह अनिश्चित   होगा क्योंकि मथुरा में केवल एक ही आफीसर मैस है)।        पता है क्योंकि दिल्ली में बहुत से आफीसर मैस है)।
(d) ई.-97 पायोनियर प्रेस, लखनऊ।               (d) स्टेशन मास्टर, लालपुर, भव्य रेलवे। (यह पता
  अनिश्चित है क्योंकि गंतव्य स्थान के डाकघर का नाम नहीं दिया हैद्ध।
(e) विनियोजक, 2 विक्टोरिया गार्डन, बम्बई-400027

(3) पंजीकरण, बीमा या मूल्यदेय प्रणाली, साथ ही मनीआर्डर के अंतर्गत पारेषण के लिए डाकघर में प्रस्तुत करने के लिए पार्सल या अन्य डाक वस्तुएं नहीं स्वीकार की जाएंगी जब तक कि यह निश्चित रूप से किसी विशेष व्यक्ति या फर्म के नाम न हों ऐसी डाक वस्तुएं जो विशेष व्यक्ति या फर्म पोस्ट बाक्स की मार्फत तथा कार्यालय का नाम जहां पोस्ट बाक्स दर्ज हो, भी स्वीकार की जाएंगी बशर्ते कि वह उस व्यक्ति या फर्म के नाम से हों जिसके नाम से पोस्ट बाक्स रजिस्टर्ड हों। यदि वितरण कार्यालय में यह मालूम हो गया हो कि प्राप्तकर्ता के नाम से कोई पोस्ट बाक्स नही है या प्राप्तकर्ता उसका किरायेदार न रहा हो तो डाक वस्तुएं प्रेषक को लोटा दी जाएगी।
30. प्रेषक का पता लिखना - हर वस्तु के निचले बायें हाथ के कोने पर भेजने वाले का नाम और पता पिन कोड सहित होना चाहिए जिससे डाकघर उसे वितरण न किए जाने पर बिना खोले और बिना देय किए प्रेषक को लौटा सके। विशेष रूप से यह रजिस्ट्री वस्तुओं ;चाहे पत्र हों या पार्सलद्ध और रजिस्ट्री किए हुए पार्सलों के बारे में वांछनीय है। हर वर्ष विभिन्न पुनः प्रेषण केन्द्रों में बहुत सी अवितरित डाक को नष्ट करना पड़ता है क्योंकि उनके प्रेषकों के स्थान का कोई पता न तो उनके भीतर दिया होता है न बाहर। यह भी सुझाव दिया जाता है कि पैकेट डाक से भेजे गए फोटोग्राफ के बारे में भी फोटोग्राफ के पीछे सदैव प्रेषक का नाम और पता लिखना चाहिए।
31. विदेशों में संवाददाताओं की पते की सूचना - जनता को यह सलाह दी जाती है कि वह विदेशों में संवाददाताओं को अपने पत्र भेजते समय भारत के उस राज्य का नाम भी डाल दिया करें जहां के वे निवासी हैं।
डाक द्वारा प्रेषण के दौरान प्रेषक की डाक का पुनर्वितरण या डाक वस्तुओं के पते में परिवर्तन या संशोधन करना
34. शर्ते – (1) इस खंड के उपबंधों के अनुसार भारत में डाक से भेजी जाने वाली डाक का प्रेषक इसे डाक से वापस भेज सकता है या उसके पते में परिवर्तन करवा सकता है कि यह वस्तु:-
(a) पाने वाले को वितरित न कर दी गई हो,
(b) उस देश के सक्षम अधिकारियों ने जहां फिलहाल वह वस्तु हो, जब्त या नष्ट कर दी गई हो,
(c) गन्तव्य देश के कानून के अनुसार पकड़ी न गई हो।
(2) केन्द्रीय सरकार, महानिदेशक, पोस्टमास्टर जनरल या अन्य किसी ऐसे अधिकारी के आदेशों को छोड़कर जो केन्द्रीय सरकार द्वारा इस संबंध में अधिकृत किया गया हो इस खंड के अनुसार कोई भी डाक वस्तु न तो वापस मांगी जाएगी और न ही उस पर दिए हुए पते में परिवर्तन किया जाएगा अर्थात प्रथम श्रेणी का पोस्टमास्टर यदि वस्तु उसके डाकघर से पोस्ट की गई हो या उस क्षेत्र का डाकघर अधीक्षक,
(3) इस खंड के अनुसार कोई भी प्रेषक या इस संबंध में उसके द्वारा कोई भी लिखित रूप में अधिकृत किया हुआ व्यक्ति उप-पैरा (2) में उल्लिखित किसी भी अधिकारी को सीधे ही या डाकघर के किसी कार्यभारी अधिकारी के जरिए डाक वस्तु को वापस लेने या उसके पते में परिवर्तन करने के लिए आवेदन देगा।
इस उप-नियम के अंतर्गत विदेश की भेजी गई किसी वस्तु के संबंध में कोई आवेदन तभी स्वीकार किया जाएगा जब कि वह वस्तु ऐसे देश को भेजी गई हो जिसका नाम महानिदेशक ने डाकघर गाइड में अधिसूचित किया हो। इसके अतिरिक्त यह भी व्यवस्था है कि ऐसे प्रत्येक प्रार्थना-पत्र के साथ एक विवरण पत्र भेजा जाएगा (जो एक सील बन्द आवरण में बन्द होगा) जिसमें इस बात का उल्लेख होगा कि पुनर्वितरण क्यों मांगा गया है। सील बन्द आवरण केवल उन्हीं अधिकारियों द्वारा खोला जायेगा जो पुनर्वितरण के आदेश जारी करने के लिए प्राधिकृत है या जहां केन्द्रीय सरकारी प्राधिकृत है वही केन्द्रीय सरकार का सचिव आवरण खोलेगा।
94) उप-खंड (3) के अनुसार भेजे गए आवेदन पत्र के साथ, इसी से सम्बन्धित हर डाक वस्तु को भेजा जाएगा। जहां आवेदन-पत्र उसी डाकघर में उसी समय पर उसी पाने वाले को, उसी प्रेषक द्वारा बहुत से डाक वस्तुओं के संबंध में ही तो ऐसे स्थिति शुल्क लगाने के लिए ऐसी डाक से भेजी जाने वाली वस्तुओं एक वस्तु के रूप में मानी जाएगी। इस उपखंड के अनुसार भुगतान किया गया शुल्क किसी भी परिस्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।
(5) जहां आवेदन-पत्र किसी बीमा या रजिस्ट्री वस्तु के बारे में हो तो इसके साथ भी डाकघर द्वारा दी गई मूल रसीद की एक प्रति भेजी जाएगी।
(6) उप-खंड (3) के अनुसार भेजे गए आवेदन-पत्र में यह प्रार्थना की जा सकती है कि कोई भी पत्र-व्यवहार जो डाक वस्तु के वापस लेने या उस पर दिए पते को बदलने के लिए भारत या विदेशों के डाक-घरों के पते पर करना हो तो वह हवाई डाक या तार द्वारा भेजा जा सकता है और स्थिति में ऐसे पत्रों पर देय हवाई डाक या तार प्रभारों की रकम के भुगतान के लिए प्रेषक जिम्मेदार होगा।
जब प्रेषक आवश्यक हवाई अधिभार भुगतान करने के लिए तैयार होता है तो डाक से वापिस लेने की मांग पर डाक वस्तु हवाई मार्ग से उसके मूल स्थान को लौटा दी जाएगी। जब कोई डाक वस्तु पते के परिवर्तन की मांग पर हवाई डाक द्वारा पुनः प्रेषित कर दी जाती है तो आवश्यक हवाई अधिभार पाने वाले से वसूल किया जायेगा तथा वह रकम डाक वितरण करने वाले प्रशासन की सम्पत्ति होगी।
(7) केन्द्रीय सरकार इस खंड के अनुसार दिए गए आवेदन-पत्र के विरूद्य;किसी डाक वस्तु द्धके गलत वितरण के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेगी।
(8) इस खंड में ऐसी कोई चीज नहीं दी होगी जो डाक वस्तु के प्रेषक को पाने में ;पाने वाले के नाम अथवा पद को बदलवाने से संबंधित न होद्ध साधारण संशोधन के लिए वस्तु के गन्तव्य स्थान वाले डाकघर को सीधे ही प्रार्थना करने से रोके।
                                  वितरण
35. परिभाषा - डाकघर अधिनियम के अन्तर्गत डाक वस्तु का, पाने वाले के घर या दफ्तर में या स्वयं पाने वाले को या उसके नौकर या एजेंट या उस व्यक्ति को जो पाने वाले को डाक वस्तुओं के सामान्य तरीके के अनुसार सुपुर्द करने की खातिर वस्तु को पाने के लिये प्राधिकृत माना जाए, किया गया वितरण ऐसा समझा जाता है मानों वह पाने वाले को ही किया गया है।
36. रजिस्ट्री वस्तुओं का वितरण-किसी भी पाने वाले को किसी प्रकार की कोई रजिस्ट्री वस्तु तब तक नहीं दी जाएगी जब तक कि वह या उसका लिखित रूप में अधिकृत किया गया एजेंट उस निर्धारित फार्म पर इसको पाने के हस्ताक्षर न करे जिसे वह डाकिया जो रजिस्ट्री वस्तु का वितरण करता है उन्हें हस्ताक्षर के लिए प्रस्तुत करेगा।
37. वितरण के लिए पेश की गई रजिस्ट्री वस्तुओं को लेने से इन्कार करना - यदि कोई पाने वाला रजिस्ट्री वस्तु को उसे पेश किए जाने पर लेने से मना करते समय वस्तु को रोकने के लिए वितरण करने वाले डाकघर को लिखित रूप में आवेदन-पत्र देता है या यदि प्राप्तकर्ता वस्तु पर दिए पते पर नहीं मिलता है जो तो प्राप्तकर्ता के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की तारीख से या उस तारीख से जबकि वह वस्तु आखिरी बार वितरण को भेजी गई थी, जैसी भी स्थिति हो, सात दिन तक डाकघर में रोक ली जाएगी। यदि प्राप्तकर्ता डाकघर से उक्त रजिस्ट्री के सात दिन का अवधि के भीतर प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो वह वस्तु डाक भेजने वाले डाकघर को प्रेषक को लौआ देने के लिए वापस भेज दी जाएगी। यदि प्राप्तकर्ता वस्तु को रोकने की प्रार्थना के बाद भी उसे प्राप्त नही कर पाता है तो उस वस्त पर ‘‘लेने से इंकार’’ टिप्पणी रिकार्ड की जाएगी।
टिप्पणी - ‘‘प्रेषण डाकघर’’ अभिव्यक्ति से तात्पर्य किसी ऐसे वितरण डाकघर जो प्रेषक के पते पर उाक बांटता है।
38. फर्म आदि को रजिस्ट्री वस्तुओं के वितरण किए जाने की विशेष पद्वति - फर्म आदि की जो सामान्यतया काफी संख्या में रजिस्ट्री वस्तुएं प्राप्त करती है, वितरण की जाने वाली रजिस्ट्री वस्तुएं विशेष दुपर्ती सूची में दर्ज कर ली जाती है जिसे उस प्राप्तकर्ता के सामने डाक वस्तुएं, पावती फार्म आदि के साथ पेश किया जाता है जो सारी डाक वस्तुओं के साथ सूची के नीचे वाली प्रति को प्राप्त कर लिया इसके प्रमाण में ऊपर की प्रति पर हस्ताक्षर करेगा और हस्ताक्षर की गई पावतियों को लौटाएगा। विशेष सूची में दर्ज की गई वस्तुओं का व्यक्तिगत रसीदें तैयार नहीं की जाएंगी। वे वस्तुएं जिन पर कोई प्रभार वसूल किया जाना हो, विशेष सूची में दर्ज नहीं की जाएंगी।
39. पर्दानशीन महिला के पते पर भेजी गई वस्तुओं का वितरण - जब रजिस्ट्री या किसी बीमा वस्तु का प्राप्तकर्ता कोई पर्दानशीन महिला हो जिसका उसकी ओर से ऐसी वस्तुओं के प्राप्त करने के लिए लिखित रूप में नियुक्त किया गया कोई एजेंट न हो तो ऐसी स्थिति में उसके हस्ताक्षर को ;या अंगूठा निशानी यदि वह साक्षर न होद्ध किसी प्रतिष्ठित गवाह ;सामान्यता उसका संबंधी जिसे डाकिया जानता होद्ध द्वारा तसदीक करवाना होगा और वह वस्तु गवाह की दे दी जाएगी। यदि डाकिया व्यक्तिगत रूप से गवाह को न जानता हो तो उस गवाह या महिला की शिनाख्त वस्तु देने से पहले, कर लेनी चाहिए और उस व्यक्ति के जो गवाह को ;महिला केद्ध और उस शिनाख्त करेगा। वस्तु की सुपुर्दगी स्वरूप गवाह के रूप में रसीद या पावती पर हस्ताक्षर ले लेना आवश्यक हो।
40. पत्र और पार्सल डाक की क्षतिग्रस्त रजिस्ट्री वस्तुओं का वितरण - जब वितरण डाकघर में पत्र-डाक या पार्सल की कोई रजिस्ट्री वस्तु टूटी हुई दशा में प्राप्त हो तो ऐसी स्थिति में उस डाकघर का पोस्टमास्टर प्राप्तकर्ता को सूचना भेजेगा जिस में वह उसे अन्तर्देशीय वस्तुओं के बारे में सात दिन के अन्दर और विदेशी वस्तु के बारे में पन्द्रह दिन के भीतर या तो स्वयं या किसी एजेंट के जरिए इसे प्राप्त करने के लिए डाकघर में उपस्थित होने की प्रार्थना करेगा। इससे पहले कि डाक प्राप्त की जाए, डाक घर में वह नोटिस प्रस्तुत किया जाएगा और यदि यह किसी एजेंट द्वारा प्रस्तुत किया गया हो तो इसे प्राप्तकर्ता को अभिरक्षा में भेजने से पहले उसका नाम फार्म पर दर्ज कर लेना चाहिए।
41. पार्सलों का वितरण और वितरण डाकघर में उसके रोकने की अवधि – (1)कोई पार्सल जो 10 किलो से अधिक वजन का न हो (;मूल्यदेय पार्सल और इन पार्सलों को छोड़कर जो अन्यस्त डाक के पते पर भेजे गये हों) सिर्फ एक बार ही वितरण के लिए भेजा जाएगा और यदि डाकिया द्वारा यह पहली बार के पेश होने पर किसी वजह से वितरित न किया जा सकता हो तो यह डाकघर वापस ले आया जाएगा और वितरण के लिए फिर नहीं भेजा जाएगा। फिर भी पार्सल के आने की सूचना प्राप्तकर्ता को डाकिया के जरिए आगामी वितरण के समय भेजा जाएगी जिससे वह या तो व्यक्तिगत रूप से या एजेंट द्वारा या इस कार्य के लिए प्राधिकृत संदेशवाहक द्वारा पार्सल छुड़ायेगा। 10 किलो से अधिक वजन का पार्सल केवल डाकघर की खिड़की पर ही दिया जाएगा। ऐसे मामले में भी इसी प्रकार का एक नोटिस प्राप्तकर्ता को भेजा जाएगा। नोटिस प्राप्त करने की तारीख से सात दिन के भीतर यदि प्राप्तकर्ता या उसके द्वारा प्राधिकृत एजेंट डाकघर में आकर पार्सल छुड़ाने में असमर्थ रहे तो वह पार्सल उस अवधि के समाप्त हो जाने पर विभाग के नियमों के अनुसार लावारिस और निपटान किया हुआ समझा जाएगा।
42. बीमा वस्तुओं का विरतण - 500 रूपये से कम रकम की किसी भी बीमा वस्तु का वितरण सामान्य पद्यति से ही किया जाएगा। 500 रू0 से अधिक का बीमा वस्तु का वितरण केवल डाकघर की खिड़की पर ही किया जाएगा। उसके आने की सूचना डाकघर, प्राप्तकर्ता को भेजना। बीमा वस्तु के प्राप्तकर्ता या उसके लिखित रूप में प्राधिकृत एजेंट को उस स्थिति में जबकि उसे आवरण के बाहरी भाग को देख कर उसे खोला गया है या खोलने का प्रयास किया गया है ऐसा कोई सन्देह पैदा न होता हो, उससे संबंधित रसीद और पावती दोनो पर उसे स्याही से हस्ताक्षर करना चाहिए। ऐसे मामलो में उसे डाकघर में पोस्टमास्टर की मौजूदगी में ही खोलने और इसका अन्तवस्तुओं को सूची में दर्ज करवाने का प्रबंध करना चाहिए। इस सूची की 2 प्रतियां बनाई जाएंगी और उस पर प्राप्तकर्ता को हस्ताक्षर करना चाहिए। डाकघर, हस्ताक्षर की गई सूची की, एक प्रति इससे संलग्न हस्ताक्षर न की हुई पावती के साथ प्रेषक को भेजेगा। यदि प्राप्तकर्ता या उसका डाकघर के, जिससे बीमाकृत वस्तु का वितरण किया जाना है, स्टाफ को नही जानता हो तो ऐसे किसी व्यक्ति द्वारा जो डाकघर के स्टाफ को जानता हो, प्राप्तकर्ता या उसके एजेंट का शिनाख्त देना या वह सबूत पेश करना जिससे पोस्टमास्टर को तसल्ली के लिए उसका पहचान कराई जा सके, जरूरी होगा, यदि वितरण डाकघर का कर्मचारी ऐसा कराना आवश्यक समझे।
नोट 1:- जब वितरण के लिए भेजी गई बीमा वस्तु का प्राप्तकर्ता स्वीकार न करें, तो उसे दूसरी बार नहीं भेजा जाएगा, केवल उसके आने की सूचना भेज दी जाएगी, और वह वस्तु यथोचित हस्ताक्षर की हुई रसीद और पावती के सूचना सहित प्रस्तुत किए जाने पर, डाकघर में ही दी जाएगी यदि वस्तु के आने की सूचना देने के बाद, बीमा वस्तु का प्राप्तकर्ता सूचना में दी गई अवधि के भीतर वस्तु को लेने के लिए न आए तो वह वस्तु प्रेषक को ‘लेने से इंकार वस्तु के रूप में वापस कर दी जाएगी।
नोट 2:- जब प्राप्तकर्ता या उसका एजेंट यथोचित हस्ताक्षर की हुई रसीद और पावती को सूचना सहित डाकघर में प्रस्तुत कर दे तो उसे डाकघर के वितरण क्लर्क की मौजूदगी में सूचना पर हस्ताक्षर करना चाहिए और वस्तु को प्राप्त कर लेने के बाद वह सूचना डाकघर को लौटा देनी चाहिए।
43. मूल्यदेय वस्तुओं का वितरण – (1) यदि किसी मूल्यदेय वस्तु पर वसूल की जाने वाली रकम 100 रूपये से अधिक हो तो गंतव्य स्थान का डाकघर इसके आने की सूचना प्राप्तकर्ता को भेजेगा। ऐसी वस्तुएं डाकघर में ही, फार्म या सूचना के पीछे दी हुई रसीद में दर्ज की हुई रकम के नकदी द्वारा भुगतान होने और डाकघर में सूचना को उसके पीछे सम्यकरूपेण हस्ताक्षर की हुई रसीद सहित प्रस्तुत किये जाने पर सुपुर्द की जाएगी।
(2) यदि मूल्यदेय वस्तुओं पर वसूल की जाने वाली रकम 100 रूपये से अधिक न हो तो डाकिया पाने वाले के निवास स्थान पर ही वसूल की जाने वाली रकम का भुगतान लेकर और पाने वाले या उनके लिखित यप में प्राधिकृत एजेन्ट के, वस्तु सहित प्रस्तुत की गई सूचना के पीछे दी हुई रसीद पर हस्ताक्षर लेकर, प्राप्तकर्ता या उसके लिखित रूप में प्राधिकृत एजेन्ट को वह वस्तु दे देगा।
(3) यदि मूल्यदेय वस्तु पर वसूल की जाने वाली रकम 25 रूपये से अधिक और उस वस्तु का वितरण ग्राम डाकिया या अतिरिक्त विभागीय वितरण एजेन्ट के जरिए किया जाना हो तो ऐसी वस्तु उप-खंड (1) में निर्धारित तरीके के अनुसार केवल डाकघर में ही दी जाती है।
(4) यदि मूल्यदेव वस्तु पर वसूल की जाने वाली रकम 20 रूपये से कम न हो और वह वस्तु डाकघर के काउंटर पर प्राप्त की जानी हो तो उस रकम का भुगतान खंड 94(d) में दी गई शर्तो के अनुसार नकदी या चेक द्वारा किया जा सकता है।
44. ऐसी वस्तुओं का वितरण जिन पर सीमा-शुल्क देय हो - ऐसी वस्तुएं जिन पर वसूल की जाने वाली सीमा-शुल्क 50 रूपये से अधिक हो सामान्यता डाकघर की खिड़की पर ही वितरित की जाती है। इनमें प्रेजीडेंसी और प्रथम श्रेणी के वे सारे डाकघर नहीं आते जहां यह सीमा 100 रू0 नियत की गई है। ऐसे शुल्क का भुगतान नकदी या चैक द्वारा किया जा सकता है परन्तु चेक द्वारा भुगतान धारा 91 में दी हुई शर्तो के अनुसार ही किया जाएगा।
45. वितरण शुल्क - वितरण करते समय विदेशों से प्राप्त छोटे पेकेटों पर वितरण शुल्क डाकघर गाइड के भाग प्प् में दी हुई दर पर लगाया जाता है।
46. गैरवितरण नगर डाकघरों में अतिमूल्यांकित वस्तुओं के वितरण का प्रबंध - जनता की सुविधा के लिए जिसे अतिमूल्यांकित बीमा या मूल्यदेय वस्तुओं को प्राप्त करने के लिये डाकघर में बुलाने की आवश्यकता पड़ती है जैसा कि धारा 42 और 43 में दिया गया, डाकघर अधीक्षकों को प्राधिकृत किया गया है कि वे खिड़की पर गैर वितरण वाले नगर के डाकघरों को जो यद्यपि कोई डाक वितरण कार्य नही करते, ऐसी डाक बांटने का प्राधिकार प्रदान करें। ऐसे डाकघरों के बारे में संकेत इस गाइड के भाग III मे दी गई डाकघरों की सूची में मिलेगा।
47. मनीआर्डरों का भुगतान –(1)साधारणतया किसी भी मनीआर्डर का भुगतान प्राप्तकर्ता के पते पर उसके मनीआर्डर ओर पावती व हस्ताक्षर करने पर तथा उन्हें डाकिया को लोटाने पर किया जाएगा। प्राप्तकर्ता द्वारा कूपन अपने पास रख लेना चाहिए।
(2) यदि मनीआर्डर का भुगतान ऐसे व्यक्ति को किया जाना हो जो भुगतान करने वाले डाकघर क्षेत्र में स्थायी रूप से नहीं रह रहा हो या जिसे पोस्टमास्टर या कोई अधीनस्थ कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जानता न हो तो मनीआर्डर का भुगतान दावेदार को मनीआर्डर में नामित व्यक्ति के रूप में संतोषजनक सबूत के बाद पहचान कर लेने पर ही किया जाएगा।
(3) मुख्य डाकघरों में मनीआर्डरों का भुगतान चेक द्वारा या डाक अदायग पत्र द्वारा या फर्मो व्यापारिक प्रतिष्ठानों, सरकारी कार्यालयों आदि के मामलों में जहां मनीआर्डरों की संख्या काफी होती है या जहां किसी एक व्यक्ति के नाम मनीआर्डर 100 रूपये से अधिक का होता है, खाता में समायोजन करके करते हैं।
नोट:- कोई भी व्यक्ति चेक और डाक अदायगी पत्र दोनों के जरिए मनीआर्डर का भुगतान प्राप्त नहीं कर सकता।
(4) सामान्यता 500 रू0 से अधिक मनीआर्डर का भुगतान ग्राम डाकिया नहीं करता तथा ऐसे मनीआर्डर का भुगतान डाकघर की खिड़की पर किया जाएगा जिसके लिए ग्राम डाकिया द्वारा सूचना भेज दी जाएगी।
नोट - कुछ मामलों में 1000 रू0 तक के मनीआर्डरों का भुगतान ग्राम डाकिया द्वारा किया जाता है।
48. डाकियों और अन्य वितरण एजेंटों की डयूटी - डाकियों और वितरण एजेंटों को ऐसी वस्तु का वितरण जिन पर धन की कोई राशि, डाकघर को डाक प्रभार बीमा-शुल्क से संबंधित प्राप्त करनी हो तो देय रकम के तुरन्त भुगतान के बिना और रसीद और पावती पर पाने वाले या उसके एजेन्ट के किसी रजिस्ट्री या बीमा-पत्र या पार्सल वितरण करने के लिए बिना हस्ताक्षर प्राप्त किए किसी भी दूसरी वजह से हो। उन्हे अपनी निर्धारित गश्तों से अनुपस्थित होने की भी मनाही है तथा उनको इसलिए देय रकम की अदायगी को प्राप्त करने के लिए फिर बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ सकती। वे रोजगारी देने के लिए बाध्य नहीं है।
49. डाकघर में वितरण एजेन्ट के बिना वस्तुओं का दिया जाना - ग्रामीण क्षेत्रों में छोटें डाकघरों के बारे में जहां पृथक डाकिया या वितरण एजेन्ट डाकघर में नही होता, पोस्टमास्टर अपनी जिम्मेदारी पर गैर-रजिस्ट्री वस्तु के वितरण किए जाने का प्रबन्ध करेगा और प्राप्त कर्ताओं को डाकघर में बुला कर रजिस्ट्री और बीमा वस्तुएं देगा और मनीआर्डर का भुगतान करेगा।
50. डाक वस्तुओं को लेने से इनकार करना - वस्तु का पाने वाला यदि उसको लेना नही चाहता हो तो डाकघर को इस पर देय रकम के भुगतान के लिए वह बाध्य नही है। डाकिया इस बारे में लिफाफे के ऊपर ‘‘लेने से इंकार’’ शब्द लिखेगा।
51. प्रभार अदा करने का दायित्व - जब कोई व्यक्ति किसी ऐसी वस्तु को प्राप्त करे जिस पर डाकघर को कोई रकम देय हो तो उसे उस पर लिखी रकम का भुगतान करना चाहिए। चार्ज ज्यादा करने के बारे में यदि कोई शिकायत हो तो वह वस्तु देने वाले डाकघर के पोस्टमास्टर से करनी चाहिए। वह वस्तु उसके पास खोलने से पहले ले जानी चाहिए।
52. डाकघर को देय प्रभार वसूल करने के लिए डाकघर द्वारा किए जाने वाले उपाय - यदि कोई व्यक्ति ऐसी वस्तु को पाने के बाद जिस पर कोई डाकभार या अन्य रकम या सीमा-शुल्क दिया जाना हो, देय लिखित रकम को देने से इंकार कर देता है तो उससे वह रकम उसी तरह से वसूल की जाएगी जिस तरह डाकघर अधिनियम अन्तर्गत लगाया हुआ जुर्माना वसूल किया जाता है और डाकघर को आगे यह अधिकार है कि वह उस वस्तु को जो भारत सरकार सेवा पर न ही बल्कि उसे सामान्य रूप से भेजी गयी हो उससे तब तक के लिये रोक ले जब तक कि ऐसे प्रभार का भुगतान न कर दिया जाए या यह उससे वसूल न कर ली जाए।
53. डाक प्रभार अदा न करके दुर्भावपूर्ण भेजी गई वस्तुएं - यदि कोई सर्किल अध्यक्ष इस बात से संतुष्ट हो कि कोई वस्तु किसी व्यक्ति को जिसके नाम वह भेजी गई है, दुर्भावपूर्वक उसे नाराज करने के उद्देश्य से प्रेषित की गई है तो वह इस पर चार्ज किये जाने वाले डाकभार की रकम को माफ कर सकता है। डाकघर अधीक्षक और प्रथम श्रेणी के पोस्टमास्टर ऐसे मामलों में डाकभार की उस रकम को जो 10 रू0 से अधिक न हो, माफ कर सकता है।
54. रक्षा सेवा कर्मचारियों के लिए पत्र - रक्षा सेवा यूनिटों और संघटनों के अधिकारियों और दूसरे पदों पर काम करने वालों के नाम भेजी गई वस्तुएं किसी अर्दली या दूसरी उपयुक्त व्यक्ति को जो यूनिट या संघटन की कमान करने वाले अधिकारी द्वारा उन्हें पाने के लिये तैनात किया गया हो, दी जाएगी ऐसी वस्तुएं जिन पर डाकभार वितरण किए बगैर ही प्रेषक को वापिस कर दी जाएगी। ‘‘सैन्य पत्र’’ ओर ‘‘ग्रीन लिफाफे’’  कहे जाने वाले अन्तर्देशीय पत्रकों पर देय डाकभार का विशेष प्रबन्ध के अन्तर्गत पहले ही भुगतान कर दिया जाता है। ऐसे ‘‘सैन्य पत्रों’’ और ‘‘ग्रीन लिफाफों’’ के पाने वालों से जिन पर सैनिक डाकघर ;परन्तु धारा 62 देखिएद्ध की तारीख मोहर होगी, वितरण के समय कोई वसूली नहीं की जाएगी।
नोट - रियायत का यह विस्तार किसी यूनिट अथवा संगठन जिसमें केवल एक कार्यालय हो, उदाहरण के तौर पर सैनिक इंजीनियरी सेवा, तब नहीं किया जाएगा।
55. पोस्ट बाक्स - कुछ डाकघरों में जो सर्किल अध्यक्ष द्वारा इस संबंध में निर्धारित किए गए हों, निम्नलिखित शर्तो के अन्तर्गत पोस्ट बाक्स किराये पर मिल सकते हैं-
(1) केवल पूरा अग्रिम भुगतान की हुई पत्र-डाक की गैर-रजिस्ट्री वस्तुएं अर्थात्, पत्र अन्तर्देशीय-पत्र पोस्टकार्ड, एयरोग्राम, रजिस्ट्री समाचार-पत्र, पुस्तकें प्रतिरूप या नमूना पैकेट जो पोस्ट बक्स संख्या देकर पोस्ट बक्स के किरायेदार को भेजी जाती है, उसे पोस्ट बक्स के जरिए दे दी जाती है। निम्नलिखित वस्तुओं को छोड़कर पोस्ट बक्स संख्या के मार्फत दूसरें व्यक्तियों या फर्मो के नाम भेजी गई वस्तुएं डाक बक्स के जरिये वितरित नहीं की जाती।
(2) पोस्ट बक्स का किराया देने वाली फर्म के वैध कर्मचारियों के नाम भेजी गई वस्तुएं।
(3) किराया देने वाले के पारिवारिक सदस्यों और अतिथियों के नाम भेजी गई वस्तुएं।
(4) मान्य और परिचित प्राधिकारी द्वारा नियंत्रित, किसी संस्था के संरक्षितों, प्रशिक्षार्थियों और संस्था में रहने वाले व्यक्तियों के नाम भेजी गई वस्तुएं।
(5) किराया देने वाले के साथ ठहरे हुए समय पर आने वाले आगन्तुकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के नाम भेजी गई वस्तुएं।
(6) किराया देने वाला यदि चाहे तो वह उसी पोस्ट बक्स के जरिये दूसरी सम्बद्व प्रतिष्ठानों का जिसका कि वह स्वामी या एजेन्ट है उसकी डाक भी ऐसी प्रतिष्ठान का पृथक शुल्क देकर और अन्यथा उन्हीं नियमों और शर्तो के अधीन जो कि पोस्ट बक्स संख्या के किराया देने वाले के नाम भेजी गई हैं डाक वस्तुओं के वितरण पर लागू होती है, प्राप्त कर सकता है।
(7) किसी विशेष व्यक्ति या फर्म, जिस के नाम में पोस्टबक्स पंजीकृत हो, को भेजी गई। देय रजिस्ट्री, बीमा वी. पी. वस्तुओं और मनीआर्डरों का भी वितरण/भुगतान डाकिए के जरिए उस समय तक किया जाएगा जब तक कि वह व्यक्ति 1 फर्म पोस्टबक्स का किराया देता रहेगा। यह पता चलने पर कि पाने वाले के नाम कोई पोस्टबक्स नहीं है या वह पोस्टबक्स का किराएदार नहीं रहा तो वस्तु भेजने वाले को वापस कर दी जाएगी।
(8) किसी भी ऐसे व्यक्ति को (जिसमें फर्म या दूसरे प्रतिष्ठान शामिल है) जो स्वयं पोस्ट बक्स (इसके बाद ‘‘किराया देने वाले’’ के रूप में उल्लिखित हैद्) के जरिये अपनी डाक प्राप्त करने की सुविधा प्राप्त कराना चाहता हो, चाहिए कि वह संबंधित पोस्टमास्टर को इसके लिए निर्धारित फार्म पर लिखित रूप में एक आवेदन-पत्र भेजे।
(9) आवेदक को अपने आवेदन-पत्र में विशिष्ट रूप से यह लिखना चाहिए कि उसका व्यापार क्या है। उसे दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों से जो उससे किसी भी प्रकार सम्बन्धित न हों, उपरोक्त बात की तसदीक करा लेनी चाहिए और अपने व्यापार के पते के पूरे ब्यौरे बताने चाहिए। सरकारी और अर्द्ध-सरकारी संस्थान और ऐसी प्राइवेट पार्टियों के मामले में उस बात पर जोर नहीं दिया जाएगा जो या तो पोस्टमास्टर की जानकार हो या जिन्होने पोस्टमास्टर को अपनी पहचान तसल्लीबख्श तरीके से करादी हो।
यदि आवेदक द्वारा दी हुई सूचना गलत पाई जाती है या यह देखने में आता है कि किराया देने वाला पोस्ट बक्स या दुरूपयोग कर रहा है तो ऐसी स्थिति में डाकघर बिना नोटिस दिए अथवा बिना कोई कारण बताए पोस्ट बक्स को वापस लेने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
(10) डाक बक्स का किराया देने वाले को चाहिए कि वह अपने व्यापार के पते को बदलने या अपने कार्यालय को दूसरी जगह ले जाने के दौरान ऐसा परिवर्तन किये जाने के सात दिन के भीतर अपरिवर्तनीय रूप से परिवर्तन की सूचना पोस्टमास्टर को दें। यदि वह ऐसा न कर पाए या इस बारे में गलत सूचना दे तो पोस्ट बक्स बिना नोटिस दिए ही अथवा बिना कोई कारण बताये ही वापस ले लिया जा सकता है।
(11) कोई भी किरायेदार यह मांगने का हकदार नहीं है कि उसे किसी खास नम्बर वाला डाक बक्स ही या कोई खात पंक्ति या स्थिति वाला डाक बक्स ही नियत किया जाए।
(12)पोस्ट बक्स को किराये पर भेजे या उसके नवीकरण के लिए आवेदन-पत्र के साथ निर्धारित किराये का अग्रिम भुगतान करना पड़ता है।
(13)किसी भी किरायेदार को यह हक नहीं है कि वह पोस्ट बक्स के नियतन के बारे में दिये गए किराये के पूरे या किसी भाग के वापस मांगने का दावा करे। बशर्ते कि पोस्टमास्टर द्वारा ऐसा नियतन कर दिए जाने से पहले यदि ऐसी वापसी का कोई दावा लिखित रूप में पोस्टमास्टर के पास पहुंच जाता है तो वह ऐसे दावे का पूरा भाग या कुछ अंश मंजूर कर सकता है।
(14)जब किसी पोस्ट बक्स के बारे में किराये का भुगतान कर दिया जाता है तो इसके पूरे या उसके किसी अंश का किसी दूसरे डाक बक्स के किरायों या देय जमा के विरूद्ध समायोजन नहीं किया जा सकता।
(15) किसी पोस्ट बक्स के नियतन होने पर और किरायेदार को बाक्स की चाबी देने से पहले जमा कि जो रकम निर्धारित की गई है उसका भुगतान करना पड़ता है। इस शर्त के मद (iii) (iV) और ()में उल्लिखित मामलों को छोड़कर इसका भुगतान केवल उसी समय होना चाहिए जबकि पोस्ट बक्स पहली बार किराये पर दिया जाता है।
(16) पोस्ट बक्स के सम्बन्ध में की गई जमा रकम के पूरे भाग का या उस रकम के किसी अंश का किसी दूसरे पोस्ट बक्स की देय जमा रकम का किराये के विरूद्ध समायोजन नहीं किया जा सकता।
(17)किराये की अवधि के दौरान किसी भी समय यदि किरायेदार ताले की चाबी या ताला खो दे या ताला या दोनों ठीक काम करने की हालत में नही हों तो किरायेदार के लिए यह जरूरी होगा कि वह इस मामले को तुरन्त पोस्टमास्टर की जानकारी में लाए और यदि उसने ताला और चाबी दोनों ही या केवल ताला खो दिया हो या तोड़ दिया हो तो ताला और चाबी दोनों की लागत अथवा चाबी खो दी हो या तोड़ दी हो तो केवल चाबी की लागत जमा करेगा। यदि वह ऐसा नहीं कर सका तो उसके द्वारा की हुई जमा रकम जब्त कर ली जाएगी। किरायेदार द्वारा लागत जमा करने पर पोस्टमास्टर उसे नया ताला और चाबी या अकेली चाबी, जैसी भी स्थिति हो, प्रदान करेगा। चाबी या ताला और चाबी दोनों की लागत, जैसी भी स्थिति हो, के अतिरिक्त किरायेदार को, यदि कोई डाक चार्ज लगता हो तो वह चार्ज तथा सप्लायर को चाबी या ताला और चाबी दोनों की लागत से संबंधित रकम भेजने के मनीआर्डर का कमीशन भी, उस स्थिति में जबकि सप्लायर फर्म या उसकी शाखा उसी स्टेशन पर न हो, अदा करना पड़ेगा।
नोट 1: हानि या टूट-फूट की सूचना न देने से पोस्ट बक्स का नियतन रद्द कर दिया जाएगा।
नोट 2: चाबी के खो जाने या टूट-फूट के बारे में यदि किरायेदार की इच्छा हो तो वह सुरक्षा के तौर पर ताले और चाबी दोनों की लागत जमा कर सकता है और ऐसा करने पर उसे नया ताला और चाबी सप्लाई कर दिए जाएंगें।
(1)यदि किरायेदार द्वारा पोस्टमास्टर को किराये की अवधि के खत्म होने के 15 दिन के भीतर ताला और चाबी नहीं दे दी जाती या उपर्युक्त अवधि के भीतर बक्स के किराये का नवीकरण नहीं कर लिया जाता तो जमा की हुई रकम जब्त कर ली जाएगी।
(2)यदि किराये देने वाला किराये की अवधि के खत्म होने से पहले पोस्ट बक्स के किराये का नवीकरण न करने की इच्छा पोस्टमास्टर को अधिसूचित नहीं करता परन्तु ऐसी समाप्ति के पन्द्रह दिन के भीतर ताला और चाबी उसे सुपुर्द कर देता है तो उसे ताले और चाबी की लागत के बराबर की रकम को वापसी जमा रकम में से पाने की मंजूरी दी जा सकती है।
(3)डाक बक्स के किराये के नवीकरण का कोई भी आवेदन-पत्र जिसके लिए अग्रिम किराये का भुगतान पहले ही कर दिया गया है तब तक नहीं लिया जाएगा जब तक कि यह अवधि के भीतर संबंधित पोस्टमास्टर के पास न पहुंचे। किन्तु अवधि के समाप्त होने के बाद पन्द्रह दिन के भीतर आगामी अवधि के किराये की रकम के साथ प्राप्त किया गया आवेदन-पत्र लिया जा सकता है यदि आवेदक, पोस्टमास्टर को इस बात से संतुष्ट कर दे कि उक्त अवधि के खत्म होने से पहले आवेदन पत्र न देने का उसके पास पर्याप्त कारण था या वह आवेदन-पत्र उन परिस्थितियों के कारण जो उसके काबू से बाहर थी, पोस्टमास्टर के पास देर से पहुंचा था, बशर्ते कि विशिष्ट पोस्ट बक्स उसको नियत किए जाने के लिए अब भी उपलब्ध हो। यदि वह पोस्ट बक्स उपलब्ध न हो तो उसका आवेदन-पत्र किसी पोस्ट बक्स के नियतन बक्स के नियतन के लिए जो कि उस समय उपलब्ध हो, नया माना जाएगा।
(4)पोस्ट बक्स के किराये की मियाद उस माह के पहले दिन से आरम्भ होती है जिसमें पोस्ट बक्स का आवंटन किया जाता है और किराये की अवधि पिछले किराये की अवधि के तुरन्त अनुवर्ती माह के पहले दिन से शुरू होती है।
(5)जब पोस्टमास्टर किराया देने वाले को पोस्ट बक्स नियत कर देता है तो उसे वितरण टिकट दिया जाता है जिसे वह या उसका संदेशवाहक मांगने पर प्रस्तुत करेगा। टिकट पर वही नम्बर होता है जो पोस्ट बक्स को नियत किया गया है और वह हस्तान्तरणीय नहीं होता।
(6)यह किरायेदार के लिये छूट है कि वह डाकघर के कार्य के घंटों के दौरान किसी भी समय अपने पोस्ट बक्स से डाक निकाल सकता है किन्तु पोस्टमास्टर डाक छटने की सुविधा देने के लिए प्रत्येक वितरण से पहले किसी भी समय डाक बक्स की निकासी रोक सकता है। वह अवधि आधे घंटे से अधिक नहीं होगी।
(7)ठीक-ठीक डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिये किरायेदार को निम्नलिखित प्रबन्ध करना चाहिये:
(8)पोस्ट बक्स के जरिये वितरण किये जाने वाले सभी पत्र निम्नलिखित ढंग से पते लिखकर भेजे जायें। जहां तक हो सके पूरा डाक पता भी लिख दिया जाए।
क, ख, ग
पोस्ट बक्स संख्या ................
वितरण का डाकघर ..............
पिन कोड
(9)किसी खास डाकघर के वितरण जाने में जहां उसने पोस्ट बक्स ले रखा हो उसका डाक का पता हो।
नोट - ऐसे नगरों में जहां एक से अधिक वितरण डाकघर हों और सभी वितरण डाकघरों में पोस्ट बक्स की सुविधायें उपलब्ध न हो किसी भी डाकघर में जहां वितरण सुविधाएं जोन का विचार किये बिना उपलब्ध हो सकती है पोस्ट बक्स किराये पर लिया जा सकता है। जब कभी दूसरे डाकघरों में पोस्ट बक्स की सुविधायें दी जाती है तो पोस्ट बक्स की सुविधा के धारक के लिए यह विकलप होगा कि पोस्ट बक्स की सुविधाओं को वे अपने वितरण क्षेत्राधिकार में स्थानान्तरित करा लें।
()किरायेदार को ऐसा अधिकार नहीं होगा कि वह ऐसी किसी डाक डिलीवरी जिसमें पोस्ट बक्स संख्या न दी गई हो और उसके अपने पते पर आई हो, पोस्ट बक्स के जरिये ले।
नोट - यदि किराया देने वाला ऐसा चाहे तो जहां तक संभव होगा पोस्ट बक्स संख्या न दी हुई वस्तुएं पोस्ट बक्स में रख दी जाएंगी परन्तु वह डाक यदि गलत छंट गई है और गलत बंट गई है तो उसके लिए डाकघर जिम्मेदार नहीं होगा।
() जब किसी पोस्ट बक्स नम्बर पर भेजी गई कोई डाक वस्तु अपने आकार और बक्स में जगह की कमी के कारण उसमें नहीं रखी जा सकती तो पोस्टमास्टर इस बारें में एक सूचना पर्ची पोस्ट बक्स में रखे जाने का प्रबन्ध करेगा और वह वस्तु वितरण विभाग में रख ली जाएगी।
() किरायेदार या उसके संदेशवाहक द्वारा वितरण टिकट के साथ सूचना पर्ची प्रस्तुत किए जाने पर, वस्तु उसके सुपुर्द कर दी जाएगी।
()जब किरायेदार चाबी के खो जाने के कारण या अन्यथा पोस्ट बक्स से डाक लेने में असमर्थ हो तो पोस्ट बक्स को भेजी गई वस्तुएं उसको या संदेशवाहक को खिड़की पर वितरणके निर्धारित समय के दौरान वितरण टिकट प्रस्तुत करने पर केवल काउन्टर पर ही दी जाएगी बशर्ते कि शर्त 8 की टिप्पणी 1 के अन्तर्गत पोस्ट बक्स का नियतन रद्द न कर दिया गया हो।
;16द्ध यदि पोस्ट बक्स का किरायेदार एक हफ्ते तक पोस्ट बक्स से डाक की निकासी न करे तो पोस्टमास्टर रजिस्ट्री डाक से डाक की निकासी कराने के लिए उसको एक नोटिस भेजेगा और यदि इस नोटिस के बाद भी वस्तुओं की निकासी नहीं की जाती तो उसमें की डाक का डाकियं के जरिये वितरण कर दिया जाएगा बशर्ते कि उन डाक वस्तुओं पर किरायेदार का पता दिया हुआ हो या उसने ऐसा करने की हिदायतें दे रखी हों। यदि किसी वजह से वस्तुएं डाकिए के जरिए आम तौर पर वितरित न की जा सकती हो तो उन्हें अवितरित वस्तुएं माना जाएगा और उनका निपटान ऐसी वस्तुओं के लिए निर्धारित प्रणाली के अनुसार किया जाएगा।
नोट: पोस्ट बक्स से डाक न निकाले जाने से जिससे डाकघर को बार-बार रजिस्ट्री नोटिस जारी करने की आवश्यकता पड़े अथवा उसे, पोस्ट बक्स को भेजी गई वस्तुओं के अकसर फिर भेजने की जरूरत पड़े तो उप धारा ()के अन्तर्गत यह अर्थ लगाया जाएगा कि पोस्ट बक्स का दुरूपयोग किया जा रहा है।
() जब किरायेदार को पोस्ट बक्स की आगे फिर कोई जरूरत न हों तो वह पोस्टमास्टर को ताला और चाबी लौटा देगा और उसके बाद पोस्टमास्टर उसे जमा की गई रकम या उसका अंश जैसा भी शर्त (7) के मद () या () के अन्तर्गत स्वीकार्य हो, उसे वापस करने का प्रबन्ध करेगा। यदि लौटाते समय ताला और चाबी ठीक कार्य करने की दशा में न हों तो कोई रकम वापस नहीं की जाएगी।
() ऐसे पोस्ट बक्स धारक जिन्हें बड़ी तादाद में डाक प्राप्त करना पड़ता है और जो आसानी से डाक बक्स में नहीं रखी जा सकती, उन्हीं नियमों और शर्तो पर उसी पोस्ट बक्स नम्बर का अतिरिक्त पोस्ट बक्स किराये पर ले सकती है जिससे सारी डाक, पोस्ट बक्सों के अन्दर रखी जा सके बजाय इसके कि डाक का कुछ भाग पोस्ट बक्स पेटी के नीचे या ऊपर या उससे दूर रखा जाए।
56. पोस्ट बैग:- ;1द्ध पोस्ट बैग में डाक वस्तुओं के वितरण की व्यवस्था सभी वितरण डाकघर में उपलब्ध होती है जिसमें किरायेदार द्वारा ताला और दो चाबियां साथ में देनी पड़ती है चाहे वहां डाक बक्स प्रणाली उपलब्ध हो अथवा नहीं।
(2) निम्नलिखित मदों को छोड़कर पोस्ट बक्सों को किराये पर दिये जाने से संबन्धित उपर्युक्त व्यवस्था उपर्युक्त परिवर्तन सहित डाक थैलों को किराये पर दिए जाने पर भी लागू होती है।
() थैले के अन्दर रखी हुई डाक वस्तुओं सहित ताले लगी डाक थैले किरायेदार या उसके संदेशवाहक को खिड़की पर वितरण के लिए निर्धारित समय के बीच वितरण टिकट प्रस्तुत करने पर काउन्टर पर ही सुपुर्द कर दिये जाते हैं।
() किरायेदार उन थैलों को छोड़कर जो उसी संख्या के पोस्ट बक्स के साथ संयुक्त रूप से किराये पर दिये जाते हैं, इन थैलों का प्रयोग डाक-घर को उन गैर-रजिस्ट्री पत्रों, पोस्टकार्डो, अन्तर्देशीय पत्रों, समाचार पत्रों और पैकटों के भेजने के लिए कर सकते हैं जिनके डाक-टिकटों की पूरी अदायगी अग्रिम कर दी जाती है ताकि इनहें आगे इस डाक से भेजा जा सकें।
57. खिड़की पर डाक का वितरण:- उस स्थिति को छोड़कर जहां पोस्ट बक्स व्यवस्था प्रचारित है, कोई भी व्यक्ति जों डाकियों के सामान्य गश्ती क्षेत्र में रह रहा हो, सभी पत्रों और दूसरी डाक वस्तुओं को जो नियमित रूप से उसको उसके पते पर वितरित की जाती है, निःशुल्क डाकघर की खिड़की पर कार्य समय के दौरान प्राप्त कर सकता है, बशर्ते कि वस्तुएं खुली हुई प्राप्त की जाए और पाने वाला डाकघर को लिखित रूप में एक आवेदन-पत्र दे जिसमें वह यह मांग करे कि उसके पत्रों और दूसरी वस्तुओं को डाकिये के जरिये साधारण रूप से भेजने की बजाय डाकघर में ही उस समय तक के लिए जब तक कि वे मांगी न जाएं रोक ली जाया करें।
58. उन स्थानों से भेजे गए संदेशवाहकों को वस्तुओं की सुपुर्दगी जहां रोजाना डाकिये न जाते हों:- (1) किसी ऐसे स्थान में, जहां रोजाना डाकिये डाक देने न जाते हों, रहने वाला कोई व्यक्ति जो अपने पते पर या अपने परिवार के सदस्यों के प्राप्त हुए पत्रों को लेने के लिए डाकघर में नियमित रूप से अपने संदशवाहाकें को भेजता हो, अपने पत्रों और दूसरी गैर-रजिस्ट्री वस्तुओं का वितरण करे जिसमें उसका एक खाता संदेशवाहकों को करवा सकता हैं, जब तक प्राप्तकर्ता डाकभार की अग्रिम राशी जमा न रखा जाएगा और वह नियमित अवधियों पर समायोजित होगा, संदेशवाहकों को चाहिए कि वे डाकभार अदा, न की गई वस्तुओं पर देय डाक भार अदा करें।
(2) संदेशवाहक को केवल धारा 60 में दी हुई शर्तो के अनुसार ही रजिस्ट्री और बीमा वस्तुओं का वितरण और मनीआर्डरों का भुगतान किया जाएगा। वी0पी0 वस्तुएं केवल धारा 43 के उपबन्धों के अनुसार ही दी जाएगी।
(३)डाकघर यदि चाहे तो प्राप्तकर्ता के खर्च पर ताले सहित थैला भेजने की व्यवस्था करेगा जिसमें थैले में रखी वस्तुओं के ज्ञापन के साथ संदेशवाहक द्वारा ले जाये जाने वाली सभी वस्तुएं, रोकड रसीदें, पावतियां नोटिश और कूपन रखेगा। थैले की एक चाबी पोस्टमास्टर के पास और दूसरी प्राप्तकर्ता के पास होगी। संदेशवाहक उसी थैले का प्रयोग प्रेषित की जाने वाली वस्तुओं को डाकघर ले जाने के लिए कर सकता है। परन्तु थैले में डाकघर का किसी भी कार्य के लिए रोकड़ रखकर नहीं ले जाया जा सकता। इस थैले के प्रयोग के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
59. उन स्थानों से भेजे गए संदेशवाहकों को मनीआर्डरों का भुगतान जहां रोजाना डाकिये न जाता  हों:- किसी ऐसे स्थान में जहां डाकिये रोजना डाक देने न जाते हों, रहने वाला कोई व्यक्ति जो अपने संदेशवाहक नियमित अवधियों पर अपने पते पर ;धारा 58 और 60 देखिएद्ध प्राप्त पत्र लेने के लिए डाकघर भेजता हो, पोस्टमास्टर को लिखित में अधिकार दे सकता है कि वह मनीआर्डरों का भुगतान संदेशवाहक को कर दिया करें। पोस्टमास्टर लिखित प्राधिकार-पत्र में ऐसे नामजद संदेशवाहक के हस्ताक्षर मनीआर्डरों पर मान लेगा और उसे रकम अदा करेगा।
60. संदेशवाहकों की किसी मार्फत रजिस्ट्री वस्तु आदि का वितरण -(१) यदि पाने वाला विशिष्ट रूप से पोस्टमास्टर को लिखित में (निम्नलिखित फार्म परद्) ऐसे करने के लिये अधिकार देता है तो पोस्टमास्टर संदेशवाहक को सभी रजिस्ट्री और बीमा वस्तुओं की सुपुर्दगी भी करेगा और सभी मनीआर्डरों के (धारा 59 देखिए) मूल्य का भुगतान उसे करेगा जो प्राप्तकर्ता या उसके परिवार के लिये उसके पास आ सकते हैं। बशर्ते कि उनके अलावा जो धारा 43 में निर्धारित की गई हैं, अन्यथा कोई मूल्यदेय वस्तुएं नहीं दी जायेंगी।
‘‘मैं .................. के पोस्टमास्टर को यह अधिकार देता हँू कि वह मेरे पते पर भेजी गई रजिस्ट्री और बीमा वस्तुएं पार्सल तथा मनीआर्डर मेरे संदेशवाहक ;क या ख या गद्ध के सुपुर्द कर दे तथा पोस्टमास्टर द्वारा ऊपर नामित संदेशवाहकों में से किसी को भी ऐसी वस्तुओं के सुपुर्द किये जाने और ऐसे मनीआर्डरों का भुगतान करने तथा उससे रसीद लेने के लिये मैं एसी वस्तुओं और मनीआर्डरों के बारे में डाकघर को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करता हूं’’
(२)यदि प्राप्तकर्ता अपने संदेशवाहक को अपनी ओर से हस्ताक्षर करने का अधिकार प्रदान न करे तो रजिस्ट्री और बीमा वस्तुओं के बारे में रसीद और पावतियां तथा मनीआर्डरों के बारे में पावतियों सहित नोटिस और कूपन संदेशवाहक को उससे उनकी रसीद लेकर प्राप्तकर्ता को दिये जाने के लिये सुपुर्द कर दिेय जायेगें। जब रसीद और पावतियां यथोचित रूप से हस्ताक्षर कराकर डाकघर को लौटा दी जायें और भुगतान की रसीदों सहित नोटिसों को पृष्ठांकित कर दिया जाये तो वस्तुएं और मनीआर्डरों की रकमें संदेशवाहक को दे दी जायेंगी।
(३) यह जरूरी नहीं है कि पोस्टमास्टर को दिया गया अधिकार सभी किस्म की वस्तुओं पर लागू हो। यह बिना बीमा रजिस्ट्री वस्तुओं तक सीमित रखा जा सकता है, जिसके बारे में बीमा वस्तुएं केवल प्राप्तकर्ता द्वारा हस्ताक्षर की गई रसीदों, पावतियों और नोटिसों के वापस करने पर ही दी जायेंगी और मनीआर्डरों का भुगतान किया जायेगा।
(४)(१) साधारण या जल परिवहन एजेंट के मार्फत या अनुसूचित बैंक या भारत में इसकी शाखाओं के मार्फत क, ख के नाम भेजी गई वस्तुएं मार्फत पार्टी को दी जायेंगी, यदि डाकघर में यह मालूम न हो कि वस्तुएं तुरन्त स्वयं पाने वाले को दी जा सकती हैं।

(२) प्राप्तकर्ताओं से मिली ऐसी हिदायतों को जिसमें उन्होंने अपने अलावा अन्य व्यक्तियों को वस्तुएं दिये जाने और मनीआर्डरों का भुगतान किये जाने का डाकघर को अधिकार दिया हो, तीन साल की सीमा अवधि के बाद व्यपगत हुआ माना जाना चाहिए जब तक कि उस अवधि के भीतर उनका नवीनीकरण न करा लिया जाय।

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Arithmath set III

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