Saturday, September 14, 2019

Volume V :10 Marks

प्रधान डाकघर(Head Post Office ):- प्रधान डाकघर कुछ डाकघरो के एक समूह का मुख्य कार्यालय होता है जिसमें स्वंय डाकघर और बहुत से छोटे डाकघर,जिन्हे उप डाकघर और शाखा डाकघर कहा जाता है और प्रधान डाकघर के लेखा सम्बन्धी श्रेत्राधिकार के अन्तर्गत रहते है,षामिल होते है । यह अपने और समूह के सभी उप डाकघरो और शाखा डाकघरो का मुख्य लेखा कार्यालय होता है और उप डाकघरो तथा शाखा डाकघरो के धन सबंधी लेन-देन का हिसाब इसके लेखो में शामिल किया जाता है ।
2. प्रधान डाकघर:- किसी सर्किल अध्यक्ष के मुख्यालय में स्थित प्रथम श्रेणी के प्रधान डाकघर को, या जहां इस प्रकार के एक से अधिक   प्रधान डाकघर हों वहां मुख्यालय से सबंद्ध प्रधान डाकघर   को प्रधान डाकघर कहा जाता है ।
टिप्पणी:- प्रधान डाकघरो की श्रेणियाॅ: प्रथम श्रेणी प्रधान डाक घर वरिष्ठ समय मान अधिकारी के नियंत्रण तथा पर्यवेक्षणाधीन होते है । उन्हे मुख्य पोस्ट मास्टर कहा जाता है ।
द्धितीय श्रेणी प्रधान डाकघर ग्रुप ‘बी’ अधिकारी के नियत्रणं तथा पर्यवेक्षण में रहेगे । ये अधिकारी वरि.अधीक्षक डाक घर के अधीन रहेगे ।

3. उप डाकघर:-(1) वह डाकघर जो प्रधान डाकघर के अधीन हो और जिसका प्रधान डाकघर से लेखा सबंध हो और जिसके धन संबधी लेन-देन को प्रधान डाकघर के लेखो में समाविष्ठ किया जाता हो,उप डाकघर होता है । उप डाकघर के प्रभारी अधिकारी को नायब पोस्टमास्टर कहा जाता है ।
(2) किसी नगर या उसके उपनगरो में,जहाॅ प्रधान डाकघर भी हो,स्थित उप डाकघर को नगर उप डाकघर कहा जाता है ।

4. शाखा  डाकघर:-(1) शाखा डाकघर उप डाकघर से निचले दर्जे का डाकघर होता है । इसका लेखा संबंध  सीधे किसी प्रधान डाकघर या उप डाकघर से होता है जिसे इसका लेखा कार्यालय कहा जाता है । शाखा डाकघर के धन संबधी लेन-देन को प्रधान डाकघर या उप डाकघर के लेखो में समाविष्ठ किया जाता है ।
(2) शाखा डाकघर के ईन्चार्ज अधिकारी को शाखा  पोस्टमास्टर कहा जाता है । किसी नगर या उसके उप नगरों में,जहाॅ प्रधान डाकघर भी हो,स्थित शाखा डाकघर को नगर शाखा  डाकघर कहा जाता है ।

डाक थैेलेः(Mail  Bag) - (1) डाक थैले में पत्र-डाक की गैर-रजिस्ट्री और रजिस्ट्री वस्तुएं अर्थात् पत्र,पोस्टकार्ड और पुस्तक और पैटर्न पैकेट तथा गैर-रजिस्ट्री पार्सल होते है- रजिस्ट्री वस्तुएं रजिस्ट्री थैले में बन्द होती है,लेकिन जहां रजिस्ट्री पैकेट-थैला निर्धारित किया गया हो वहां भारी रजिस्ट्री पैकेटो को रजिस्ट्री पैकेट थैले में भेजा जाता है,डाक थैले में नही । जब पार्सल थैला निर्धारित न किया गया हो तो डाक थैले में पार्सल डाक की वस्तुएं भी भेजी जा सकती है । किसी शाखा  डाकघर ओर ऐसे डाकघर के बीच जो इसका लेखा कार्यालय डाक कार्यालय या अनुभाग न हो जिसके साथ इसके सीधे सचांर सबंध हो,अदले-बदले जाने वाले डाक थैले में बी.पी. और बीमा की गई वस्तुओ और उन वस्तुओ को छोडकर जिन पर सीमा-षुल्क वसूल किया जाना होता है,सभी पूर्ण तथा पूर्व दत्तशुल्क  वस्तुएं होती है । डाक थैले तीन प्रकार के होते है अर्थात् स्टेशन डाक थैले,छटाॅई डाक थैले और संयुक्त थैले । डाक थैले अपेक्षित थैले होते है ।
(2) रोकड कार्यालय और उस पर उप डाकघर,जिसको नकद रूपया उस रेाकड कार्यालय (कैश  आफिस)द्वारा दिया जाता है के बीच अदले-बदले जाने वाले   डाक-थैले में रजिस्ट्री थैले के भीतर नकदी थैला(कैश बैग) भी होगा । इन डाक थैलो को उस रोकड कार्यालय उप डाकघर और उन कार्यालयो की,अपेक्षित डाक सूचियो में जहां से होकर वे गुजरते है,एक विभेद सूचक चिह्न‘एफ’द्वारा सूचित किया जाता है ।
टिप्पणी:- किसी ऐसे मामले में जहां सम्बद्ध सर्किल का अध्यक्ष अथवा सर्किलो के अध्यक्ष यह उचित समझे कि रजिस्ट्री थैले के अन्दर भेजना हितकर नही है वहां रजिस्ट्री थैले को बाहर अलग से भेजा जा सकता है । सभी थैले को,‘एल’बैग प्रकृति के थैले सहित अवश्य  मोहरबदं किया जाए । डाक और छटाॅई (रूटिग)सूचि में इस व्यवस्था का स्पष्ठ उल्लेख किया जाएगा ।
26-क. हवाई डाक थैले:- जिस डाक थैले में समस्त हवाइ डाक योजना(आल अप  स्कीम)के अधीन हवाई सेवा द्वारा ले जायी जाने वाली गैर-रजिस्ट्री और रजिस्ट्री वस्तुएं हो,उसे हवाई डाक थैला कहा जाता है । इन थैलो में ऐसी वस्तुएं नही होनी चाहिए जिन्हे हवाई जहाज द्वारा न  ले जाया जाना हो । हवाई डाक थैला बन्द करने के लिए सामान्यतः नीला दोसूती थैला इस्तेमाल किया जाना चाहिए ।
टिप्पणी:- 1. यदि कभी हवाई डाक थैले में भेजने के लिए कोई वस्तु न हो तो खाली थैला बन्द करना जरूरी नही है,लेकिन पत्रक (Delivery bill  )में उचित रूप से इस बात का उल्लेख कर देना चाहिए कि कोई थैला बन्द नही किया गया है,क्योकि कोई वस्तु भेजने के लिए नही थी ।
            यदि भेजी जाने वाली वस्तुओ की संख्या  पचास से कम हो और हवाई डाक थैले में भेजने के लिए कोई  बीमा वस्तु या हवाई पार्सल भी न हो तो थैले,के स्थान पर उपयुक्त आकार का हवाई डाक आवरण इस्तेमाल किया जाना चाहिए ।
टिप्पणी:-2. यदि किसी हवाई डाक थैले के अन्दर हवाई पार्सल डालकर भेजा जाता है तो थैले के ऊपर ‘सी.ए.पी.’लिख दिया जाना चाहिए ताकि यह पता लग सके कि इसके अन्दर हवाई पार्सल है ।
टिप्पणी:-3. रजिस्ट्री वस्तुएं थैले में तब तक न रखी जाएं जब तक कि भेजी जाने वाली वस्तुओ की संख्या 25 से अधिक न हो या वे भारी न हो या बीमा वस्तुएं न हो । बल्कि उनका एक बडंल बना कर उसे रजिस्ट्री सूची सहित चारो ओर से सुतली से बाधं देना चाहिए और साथ में एक उचित जांच पर्ची लगानी चाहिए जिस पर स्पष्ठ रूप से ‘रजिस्ट्री’शब्द लिखा हो और पडताल पर्ची के ऊपर बडंल पर जो गांठ लगाई गई हो,उस पर रजिस्ट्री की सील-मोहर लगा दी जानी चाहिए । इस बडंल को लम्बाई और चैडाई दोनो तरफ से बाधंना चाहिए ताकि कोई वस्तु निकल न जाए और गैर-रजिस्ट्री वस्तुओ में न मिल जाए । फिर इस बडंल को हवाई डाक आवरण या थैले में रख दिया जाना चाहिए । जब भी कभी हवाई डाक थैलो में रख कर भेजे जाने वाले रजिस्ट्री थैलो का इस्तेमाल रजिस्ट्री वस्तुएं रखने के लिए किया जाता है तो रजिस्ट्री थैलो को बन्द करने के लिए सामान्य नियम अपनाए जाने चाहिए । जब कोई थैला भारी या आसामान्य आकार की 25संख्या तक की रजिस्ट्री वस्तुओ को   अवश्य लिया जाना चाहिए ।
टिप्पणीः-4. हवाई डाक थैले या हवाई परिवहन थैले का वजन 30 किलोग्राम से अधिक नही होना चाहिए ।
मुख और सम्मुखन(Face and Facing ) : वस्तु  के जिस तरफ  पता लिखा होता है ,वह उस वास्तु का मुख होता है | सम्मुखन शब्द  का अर्थ  है वस्तुओ को इस प्रकार व्यवस्थित  करना जिससे उनके पते वाली तरफ आ  जाय और पते एक ही तरफ हो जाएँ |
गश्त(Beat ) :जब गश्त शब्द का प्रयोग रेल डाक व्यवस्था के किसी अनुभाग  के सम्बन्ध  में किया जाता  है तो उसका अर्थ होता है रेल या स्टीमर  मार्ग का वह भाग जिस पर वह अनुभाग  काम करता है | जब यह शब्द डाक ओवरसीयर और वितरण -एजेंटो जैसे डाकिये ,ग्राम डाकिये आदि के बारे  में इस्तेमाल किया जाता  है तो वह उस क्षेत्र का द्योतक  होता  है जिसमे उन्हें अपना काम करना  होता  है | 'गश्त ' में वह डाकघर भी शामिल है , जिसे सम्बद्ध  कर्मचारी की सेवा प्राप्त होती है |
कैम्प  पत्र व्यवहार -कैम्प  पत्र व्यवहार शब्द का अर्थ है , दौरे पर गए अधिकारियो के लिए भेजे गए पत्र  और पत्र-व्यवहार की वे वस्तुएँ जिन पर 'कैम्प ' अथवा  कोई अन्य निर्धारित पता लिखा होता है और इसके साथ डाक  नहीं दिया होता |
विलम्बित और अति विलम्बित  पत्र (Late Letters and  Too  Late Letters -:विलम्बित पत्र वे पत्र होते है जो डाक बंद करने के निर्धारित  समय बाद लेकिन इन पत्रों  को डालने के लिए स्वीकृत  अंतराल में , डाक शुल्क  के अतिरिक्त  निर्धारित  विलम्ब- शुल्क  के डाक टिकट  लगाकर  किसी डाकघर  या डाक कार्यालय  की खिड़की  पर दिए जाते  है या किसी डाक कार्यालय के लेटर बॉक्स  में डाले जाते हैं |
"अति विलम्बित " पत्र  ऐसे पत्र होते हैं जो  इन अंतराल   में पूरे डाक शुल्क  और विलम्ब शुल्क की अदायगी  किये बिना   डाले जाते हों | इन पर "रोक लिया गया , विलम्ब -शुल्क के टिकट नहीं लगाए गए " मोहर लगायी जाती है और इन्हे अगली डाक रवाना होने तक रोक लिया जाता है |
गलत भेजी गई और गलत पते पर भेजी गई वस्तुएँ (Missent and Misdirected Articles ) - गलत  भेजी गयी वस्तु वह होती है जो किसी कार्यालय द्वारा गलती से उसके गंतब्य कार्यालय के बजाय किसी अन्य कार्यालय  को या निर्धारित मार्ग के स्थान पर किसी अन्य मार्ग से भेज दी अति है ' जिस वस्तु पर भारतीय  भाषा  में ;पता  लिखा गया हो ,  यदि प्रेषण -कार्यालय  द्वारा गंतब्य स्थान का  अंग्रेजी में गलत नाम लिख दिया गया हो  तो यह वस्तु गलत पते  पर भेजी गई वस्तु कहलाती  है | 

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